साउथ सिनेमा के सुपरस्टार और बॉलीवुड में अपनी अदाकारी से पहचान बनाने वाले अभिनेता धनुष ने हाल ही में एक ऐसा खुलासा किया जिसने उनके करोड़ों फैंस को हैरान कर दिया। रविवार शाम चेन्नई में आयोजित ‘इडली कढ़ाई’ फिल्म के ऑडियो लॉन्च इवेंट पर धनुष ने अपने बचपन की एक भावुक कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि बचपन में वे इतनी गरीबी में जीते थे कि इडली खरीदने के लिए उन्हें फूल बेचने पड़ते थे।
धनुष का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। जहां एक ओर उनके फैंस इसे उनकी मेहनत और संघर्ष का प्रतीक मान रहे हैं, वहीं कुछ आलोचक यह याद दिला रहे हैं कि वह एक फिल्म निर्देशक के बेटे हैं। लेकिन सच्चाई यही है कि हर स्टारडम के पीछे एक लंबी जद्दोजहद और दर्द भरी कहानी छिपी होती है।
आज करोड़ों की फिल्में करने वाले धनुष का यह संघर्ष भरा बचपन युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गया है। उनकी कहानी यह बताती है कि सपने बड़े हों या छोटे, मेहनत और संघर्ष के बिना उन्हें हासिल नहीं किया जा सकता।
“इडली खरीदने के लिए फूल बेचने वाला बच्चा, आज साउथ सिनेमा का सुपरस्टार – यही है धनुष की असली कहानी।”

“सुपरस्टार बनने से पहले धनुष को इडली के लिए बेचने पड़े फूल, अब सोशल मीडिया पर लग रहे ताने ! “Image Courtesy:Instagram/@dhanushkraja
धनुष ने इडली के प्रति अपने लगाव के बारे में बताया
चेन्नई में आयोजित ऑडियो लॉन्च इवेंट पर धनुष ने खुलकर कहा कि उन्हें इडली से बेहद लगाव है। बचपन में जब वह इडली नहीं खरीद पाते थे, तो उनके मन में इसे पाने की तीव्र इच्छा रहती थी। उन्होंने कहा – “मेरे लिए इडली सिर्फ एक खाना नहीं, बल्कि मेरे संघर्ष और यादों का हिस्सा है।”
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इडली, दक्षिण भारत का पारंपरिक भोजन होने के साथ-साथ धनुष के जीवन में भावनाओं से जुड़ा प्रतीक बन गया है। उनके इस बयान ने फैंस के दिलों को छू लिया। सोशल मीडिया पर कई लोग लिख रहे हैं कि इडली के प्रति धनुष का लगाव सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं, बल्कि इसमें उनके जीवन का दर्द और संघर्ष झलकता है।
धनुष का बचपन संघर्ष
धनुष का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ। उनके पिता भले ही निर्देशक थे, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। उन्होंने बताया कि बचपन के दिनों में उन्हें कई बार भूखे पेट सोना पड़ा।
धनुष ने कहा कि छोटे-छोटे सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने तरह-तरह के काम किए। फूल बेचना, छोटे-मोटे काम करना – ये सब उन्होंने सिर्फ इडली जैसी साधारण चीज खरीदने के लिए किया। यही छोटी-छोटी जद्दोजहद ने उन्हें मजबूत बनाया और बड़े सपनों का पीछा करने का हौसला दिया।
आज जब वे पीछे मुड़कर देखते हैं, तो उन्हें एहसास होता है कि संघर्ष ही उनकी असली पूंजी है।
इडली खरीदने की कहानी
धनुष ने बताया कि बचपन में उनके घर के पास एक दुकान थी, जहां इडली मिलती थी। लेकिन उनके पास अक्सर पैसे नहीं होते थे। उस वक्त उन्होंने फूल बेचकर पैसे कमाए और पहली बार अपनी मेहनत से इडली खरीदी।
धनुष के मुताबिक वह दिन उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा तोहफा था। सिर्फ इडली खाने की खुशी नहीं, बल्कि अपनी मेहनत से कमाए पैसों से कुछ खरीदने का अनुभव उन्हें हमेशा याद रहा।
यही वजह है कि आज भी जब वह इडली खाते हैं, तो बचपन की वो भूख, संघर्ष और संतोष सब एक साथ उनकी यादों में ताजा हो जाते हैं।
सुपरस्टार धनुष लाइफस्टाइल
आज धनुष सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि साउथ फिल्म इंडस्ट्री के टॉप सुपरस्टार्स में गिने जाते हैं। उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई करती हैं। बॉलीवुड में भी उन्होंने ‘रांझणा’ जैसी फिल्म से अपनी अलग पहचान बनाई।
धनुष का लाइफस्टाइल अब पूरी तरह बदल चुका है। लग्जरी कार, आलीशान घर और करोड़ों की संपत्ति – ये सब उनके पास है। लेकिन इसके बावजूद धनुष आज भी अपनी जड़ों को नहीं भूले हैं।
वे अक्सर इंटरव्यू में कहते हैं कि “मैं जहां हूं, वहां सिर्फ मेहनत और संघर्ष के कारण हूं। अगर वह बचपन का दौर न होता, तो शायद मैं यहां तक न पहुंच पाता।”
धनुष संघर्ष
धनुष की यह कहानी हमें यह सिखाती है कि संघर्ष और मेहनत के बिना सफलता की कल्पना नहीं की जा सकती। चाहे इंसान कितनी भी ऊँचाई पर पहुंच जाए, उसे हमेशा अपनी जड़ों और संघर्ष को याद रखना चाहिए।
धनुष ने इडली खरीदने की साधारण सी कहानी से करोड़ों लोगों को यह संदेश दिया कि सपनों की राह कभी आसान नहीं होती। लेकिन अगर इरादा मजबूत हो, तो हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।
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