बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन सिर्फ अपनी दमदार एक्टिंग और आवाज़ के लिए ही नहीं, बल्कि अपने संघर्षों के लिए भी जाने जाते हैं। 40 से ज़्यादा सालों से फिल्म इंडस्ट्री पर राज करने वाले बिग बी की ज़िंदगी में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उनका जज़्बा कभी टूटा नहीं।
“कौन बनेगा करोड़पति” के एक एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने ऐसा खुलासा किया जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। उन्होंने बताया कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हुए एक्सीडेंट के बाद अस्पताल में भर्ती होने पर उन्हें रक्त आधान (Blood Transfusion) के जरिए हेपेटाइटिस बी हो गया। इस बीमारी ने धीरे-धीरे उनका लगभग 75% लिवर नष्ट कर दिया।
आज वह सिर्फ 25% लिवर के सहारे ज़िंदगी जी रहे हैं। लेकिन बावजूद इसके वह लगातार काम कर रहे हैं और करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।
यह कहानी सिर्फ एक सेलिब्रिटी का संघर्ष नहीं है, बल्कि एक ऐसी चेतावनी भी है जो हमें बताती है कि लिवर की बीमारियां कितनी खतरनाक हो सकती हैं।
- “स्मृति ईरानी का बड़ा खुलासा: क्यों कहा गया उन्हें ‘बेकार’, और क्यों मिलते थे पुरुष अभिनेता को ज़्यादा पैसे?”
- When Amitabh Bachchan revealed how he contracted hepatitis: ‘75 per cent of my liver has been destroyed’
“क्या आप जानते हैं कि दुनिया में हर साल लाखों लोग हेपेटाइटिस जैसी बीमारी की वजह से अपनी जान गंवाते हैं? अमिताभ बच्चन की कहानी हमें सावधान करती है कि समय रहते जागरूक होना ज़रूरी है।”
अमिताभ बच्चन हेपेटाइटिस – संघर्ष और हिम्मत की कहानी
अमिताभ बच्चन की हेपेटाइटिस स्टोरी लाखों लोगों के लिए सबक है। साल 1982 में फिल्म कुली की शूटिंग के दौरान उन्हें गंभीर चोट लगी थी। उस दौरान उनकी जान बचाने के लिए कई यूनिट्स रक्त चढ़ाया गया। लेकिन उस खून में से एक संक्रमित था, जिससे उन्हें हेपेटाइटिस बी हो गया।
कई सालों तक उन्हें इसका पता भी नहीं चला। बाद में डॉक्टरों ने बताया कि इस संक्रमण की वजह से उनका 75% लिवर खराब हो चुका है। हैरानी की बात यह है कि इतना बड़ा नुकसान होने के बाद भी वह पूरी तरह हार नहीं माने।
आज भी बिग बी अपनी नियमित दवाइयों और मेडिकल चेकअप्स के साथ काम कर रहे हैं। उनकी यह हिम्मत और लगन आम लोगों को यह संदेश देती है कि बीमारी कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अगर मनोबल मजबूत हो तो जिंदगी जीने की राह मिल ही जाती है।
लिवर की बीमारी के लक्षण – किन संकेतों को न करें नज़रअंदाज़
लिवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। यह न सिर्फ पाचन तंत्र को नियंत्रित करता है, बल्कि खून को भी साफ रखता है। लेकिन जब लिवर बीमार हो जाता है, तो शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है।
लिवर की बीमारी के आम लक्षण:
-
बार-बार थकान महसूस होना
-
पेट में सूजन या भारीपन
-
आंखों और त्वचा का पीला पड़ जाना (पीलिया)
-
भूख में कमी और लगातार वजन घटना
-
पाचन से जुड़ी समस्या जैसे अपच, उल्टी, गैस
-
गहरे रंग का पेशाब और हल्के रंग का मल
कई बार लोग इन संकेतों को मामूली समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है।
डॉक्टरों का मानना है कि अगर लिवर से जुड़े कोई भी लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो तुरंत जांच करानी चाहिए। समय पर इलाज मिलने से बीमारी को काबू किया जा सकता है।
हेपेटाइटिस कैसे होता है – जानिए संक्रमण के कारण और बचाव
हेपेटाइटिस एक खतरनाक बीमारी है जो मुख्य रूप से वायरस के कारण होती है। यह हमारे लिवर पर सीधा असर डालती है और धीरे-धीरे उसे नष्ट करने लगती है।
हेपेटाइटिस होने के मुख्य कारण:
-
संक्रमित खून या रक्त आधान (Blood Transfusion)
-
संक्रमित सुई या इंजेक्शन का इस्तेमाल
-
असुरक्षित यौन संबंध
-
दूषित पानी या खाना
-
मां से बच्चे में प्रसव के दौरान संक्रमण
हेपेटाइटिस कई प्रकार का होता है – A, B, C, D और E। इनमें से हेपेटाइटिस बी और सी सबसे खतरनाक माने जाते हैं क्योंकि ये क्रॉनिक (लंबे समय तक रहने वाली) बीमारी में बदल सकते हैं।
बचाव के उपाय:
-
साफ और सुरक्षित पानी पीना
-
डिस्पोजेबल सुई और सुरक्षित रक्त आधान
-
हेपेटाइटिस बी का टीकाकरण
-
व्यक्तिगत स्वच्छता और सुरक्षित जीवनशैली
अमिताभ बच्चन जागरूकता
अमिताभ बच्चन की कहानी हमें यह सिखाती है कि जिंदगी कितनी भी कठिन क्यों न हो, हिम्मत और आत्मविश्वास के साथ हर मुश्किल का सामना किया जा सकता है। उन्होंने न सिर्फ हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी से लड़ाई लड़ी, बल्कि करोड़ों लोगों को जागरूक भी किया।
लिवर की बीमारी को नज़रअंदाज़ करना खतरनाक साबित हो सकता है। अगर समय रहते जांच और इलाज कराया जाए तो इसका प्रभाव काफी हद तक रोका जा सकता है।
इसलिए, अगर आपको या आपके परिवार में किसी को लिवर से जुड़े लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
अमिताभ बच्चन स्वास्थ्य संपत्ति
“स्वास्थ्य से बड़ी कोई संपत्ति नहीं। आज ही अपने लिवर की जांच कराएं और खुद को सुरक्षित रखें। अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ ज़रूर शेयर करें। जागरूकता ही बचाव है।”

