हम सबने Sara Ali Khan को हमेशा मुस्कुराते, मस्ती करते और एनर्जी से भरे हुए देखा है। उनकी वो चुलबुली पर्सनालिटी, मज़ेदार इंटरव्यू और नटखट अंदाज़ सबके दिल को जीत लेते हैं। लेकिन ज़रा सोचिए — वो लड़की जो कैमरे के सामने हमेशा खुश नज़र आती थी, असल ज़िंदगी में अंदर से टूट रही थी। जी हाँ, हाल ही में Sara Ali Khan ने अपने डार्क टाइम्स, डिप्रेशन, और थेरेपी के सफ़र के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि ज़िंदगी के कुछ दौर ऐसे भी आए जब उन्हें खुद पर भरोसा नहीं रहा, जब सब कुछ खाली सा लगने लगा।
कई लोगों को लगा कि “इतनी सक्सेसफुल एक्ट्रेस को डिप्रेशन कैसे हो सकता है?” लेकिन यही तो सबसे बड़ा सच है — डिप्रेशन किसी को देखकर नहीं आता। Sara Ali Khan ने बताया कि ग्लैमर और मुस्कान के पीछे भी कभी-कभी बहुत गहरा दर्द छिपा होता है। उनकी यह कहानी सिर्फ एक बॉलीवुड स्टार की नहीं, बल्कि हर उस इंसान की है जिसने कभी अंदर से टूटा हुआ महसूस किया है।
“कभी-कभी सबसे चमकते सितारे ही सबसे गहरे अंधेरे से गुज़रे होते हैं — और Sara Ali Khan ने वही सच्चाई सबके सामने रख दी।”

Sara Ali Khan emotional interview about depression | “Image Courtesy:instagram/@saraalikhan95
Sara Ali Khan मानसिक स्वास्थ्य
Sara Ali Khan ने बताया कि एक समय ऐसा भी था जब वो कैमरे के सामने तो हंसती थीं, लेकिन अंदर से बिल्कुल खाली महसूस करती थीं। उन्होंने कहा, “लोग सोचते हैं कि हमारी ज़िंदगी में बस ग्लैमर है, लेकिन किसी को नहीं पता कि इस चमक के पीछे कितनी थकान और दर्द छिपा है।” उन दिनों Sara Ali Khan लगातार काम कर रही थीं, लेकिन उन्हें खुद के लिए वक्त ही नहीं मिल रहा था। सोशल मीडिया, प्रेशर, और परफेक्शन की रेस ने उन्हें अंदर से थका दिया था।
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वो बताती हैं कि “मैं खुद से सवाल पूछती थी — क्या मैं सच में खुश हूँ?” और इस सवाल ने ही उन्हें समझाया कि मानसिक स्वास्थ्य (mental health) कितना जरूरी है। Sara Ali Khan की ये बात दिल को छू जाती है क्योंकि हम सब कभी न कभी उस स्टेज से गुज़रते हैं जब मुस्कान के पीछे बहुत कुछ छिपा होता है।
Sara Ali Khan डिप्रेशन & डार्क टाइम्स
अपने एक इंटरव्यू में Sara Ali Khan ने कहा कि उनके लिए “डार्क टाइम्स” वो दौर था जब सब कुछ होते हुए भी अंदर से खालीपन महसूस होता था। कई बार ऐसा लगता था कि वो सब कुछ खो चुकी हैं — काम का प्रेशर, पब्लिक की उम्मीदें, और खुद से नाखुशी का एहसास। वो कहती हैं, “कभी-कभी बिस्तर से उठना भी मुश्किल लगता था। सबके सामने हंसना और अंदर से टूटना सबसे कठिन काम है।”
उनका कहना था कि डिप्रेशन ने उन्हें समझाया कि इंसान की सबसे बड़ी लड़ाई अपने ही मन से होती है। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी — उन्होंने अपनी फैमिली से बात की, मदद ली और धीरे-धीरे खुद को ठीक किया। Sara Ali Khan की कहानी हमें ये सिखाती है कि अंधेरे से बाहर आने का पहला कदम है, उसे स्वीकार करना। और यही उनकी सबसे बड़ी हिम्मत थी।
Sara Ali Khan emotional interview about depression | “Image Courtesy:instagram/@saraalikhan95
Sara Ali Khan थेरेपी का महत्व
Sara Ali Khan ने साफ कहा कि “थेरेपी ने मेरी ज़िंदगी बदल दी।” उन्होंने बताया कि शुरू में उन्हें भी शर्म आती थी कि क्या वाकई मुझे थेरेपी की ज़रूरत है? लेकिन जब उन्होंने खुद को खोया हुआ पाया, तो उन्होंने ये कदम उठाया। थेरेपी ने उन्हें खुद से जुड़ने का मौका दिया। उन्होंने कहा, “थेरेपी ने मुझे सिखाया कि खुद से प्यार करना सबसे जरूरी चीज़ है।” उन्होंने यह भी बताया कि जब भी उन्हें आज भी बुरा महसूस होता है, वो अपने थेरेपिस्ट से खुलकर बात करती हैं।
उनका मानना है कि “थेरेपी कमजोरी नहीं है, ये ताकत की निशानी है।” Sara Ali Khan चाहती हैं कि आज के युवा भी इस बात को समझें — कि अगर मन में कुछ ठीक नहीं लग रहा, तो बात करना ही सबसे अच्छा इलाज है। और यही चीज़ उन्हें और भी रियल बनाती है।
Sara Ali Khan मन की शांति
कहानी यहाँ खत्म नहीं होती, बल्कि शुरू होती है उस हिम्मत से जो Sara Ali Khan ने दिखाई। उन्होंने ये साबित किया कि चाहे आप कितने भी सफल हों, मन की शांति सबसे ज़रूरी है। अगर Sara Ali Khan जैसी पॉपुलर शख्सियत भी ये मानती हैं कि थेरेपी और मानसिक स्वास्थ्य ज़िंदगी में अहम हैं, तो हमें भी अपने मन की बात छिपानी नहीं चाहिए। हम सबके अपने “डार्क टाइम्स” होते हैं — फर्क बस इतना है कि कोई बोल देता है, कोई चुप रह जाता है।
तो अगर आप भी किसी मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं, खुद को अकेला मत समझिए।
👉 बात कीजिए, मदद लीजिए, और याद रखिए — मदद मांगना कमजोरी नहीं, समझदारी है। क्योंकि जैसा Sara Ali Khan ने कहा — “हर अंधेरे के बाद एक नई सुबह ज़रूर आती है।”