कभी बॉलीवुड की स्क्रीन पर अपनी सादगी और एलीगेंस से सबका दिल जीतने वाली Nafisa Ali आज फिर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई हैं।लेकिन इस बार वजह कोई फिल्म नहीं, कोई रेड कार्पेट लुक नहीं — बल्कि उनकी ज़िंदगी का वो हौसला है जो किसी भी इंसान को अंदर तक छू जाए। हाँ, Nafisa Ali आज Stage 4 कैंसर से लड़ रही हैं। सुनने में ही डर लगता है ना? लेकिन अगर आप उनकी हालिया तस्वीर देखेंगे तो डर नहीं, प्रेरणा मिलेगी।
वो तस्वीर जिसमें Nafisa ने अपने गंजे सिर को बड़ी शान से दिखाया, और चेहरे पर मुस्कान थी — सच्ची, आत्मविश्वासी, और बेहद खूबसूरत। उनकी आंखों में दर्द नहीं, बल्कि “Positive Power” की चमक थी। और यही वजह है कि वो आज लाखों लोगों के लिए एक ‘Real Fighter’ बन गई हैं।
“कैंसर Nafisa Ali की ताकत को तोड़ नहीं सका, बल्कि उसने उनकी रोशनी को और तेज़ कर दिया।”

“Nafisa Ali bald look during chemotherapy smiling | “Image Courtesy:instagram/@nafisaalisodhi
Nafisa Ali कैंसर अपडेट – हिम्मत से बड़ी कोई दवा नहीं
जब Nafisa Ali ने कुछ साल पहले यह बताया कि उन्हें Stage 4 कैंसर है, तो लोगों को एक झटका लगा। क्योंकि जो शख्स हमेशा से फिटनेस, एक्टिव लाइफ और हेल्दी माइंड की बात करती थीं, वही अब एक जानलेवा बीमारी से जूझ रही थीं। लेकिन Nafisa ने कभी इसे अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने कहा था – “कैंसर ने मेरा शरीर कमजोर किया, पर मेरी आत्मा को और मजबूत बना दिया।” और सच कहूं तो, यह लाइन सुनकर हर किसी को लगा जैसे उन्होंने ज़िंदगी को एक नए नजरिए से देखा।
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उनके डॉक्टरों का कहना है कि वो बेहद पॉजिटिव पेशेंट हैं। कीमो सेशन के बाद भी वो मुस्कान नहीं छोड़तीं, बातें करती हैं, और खुद को मानसिक रूप से मजबूत रखती हैं। सोशल मीडिया पर उन्होंने अपनी एक पोस्ट में लिखा –“मैं अब भी वही Nafisa हूं, बस अब मैं और गहराई से ज़िंदगी को महसूस करती हूं।”
यानी बीमारी ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि और सशक्त बना दिया।
Nafisa Ali की कीमोथेरेपी – दर्द के पीछे छिपी मुस्कान की कहानी
अब बात करते हैं कीमोथेरेपी की — वो शब्द जो सुनते ही डर लगता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि कीमो मतलब बाल झड़ना, दर्द, कमजोरी… लेकिन Nafisa ने इस दौर को कुछ और ही बना दिया। उनकी हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट में वो अस्पताल में बैठी हैं, सिर पर बाल नहीं, लेकिन चेहरे पर वही पुरानी मुस्कान है। उन्होंने लिखा – “हर कीमो के बाद मैं थोड़ी थक जाती हूं, लेकिन हर बार खुद को याद दिलाती हूं – ज़िंदगी अब भी खूबसूरत है।”

“Nafisa Ali bald look during chemotherapy smiling | “Image Courtesy:instagram/@nafisaalisodhi
क्या यह लाइन अपने आप में जादू नहीं है? एक ऐसी औरत जो दर्द के बीच भी उम्मीद देख रही है।
वो मुस्कान जैसे कह रही हो – “हाँ, मैं लड़ रही हूं, पर मैं हार नहीं मानूंगी।”
उनके फैंस ने कमेंट में लिखा –
“मैम, आप सिर्फ कैंसर नहीं हरा रहीं, आप डर को हरा रही हैं।” यह बात सौ फ़ीसदी सच है।
कई बार हम छोटी-छोटी परेशानियों में टूट जाते हैं, लेकिन Nafisa जैसी कहानियाँ हमें याद दिलाती हैं कि इंसान की ताकत उसके मन में होती है, शरीर में नहीं।
Nafisa Ali पॉजिटिव पावर – जब मुस्कान बनी हिम्मत का प्रतीक
Nafisa Ali ने हाल ही में लिखा – “Positive Power ही मेरी असली दवा है।” यह सुनकर लगता है जैसे वो अपने मन के डॉक्टर बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि वह हर दिन मेडिटेशन करती हैं, किताबें पढ़ती हैं और ज़िंदगी के छोटे-छोटे पलों को जीने की कोशिश करती हैं। कभी-कभी बालकनी में बैठकर सूरज की रोशनी का आनंद लेती हैं, कभी दोस्तों से बातें करती हैं, और सबसे ज़रूरी —अपने मन को शांत रखती हैं।
उनकी एक पुरानी फोटो है जिसमें वो समंदर किनारे बैठी हैं, गंजे सिर के साथ, हवा में उड़ते कपड़े, और मुस्कुराती हुई Nafisa। वो तस्वीर जैसे कह रही हो — “मैं अब भी ज़िंदा हूं, और पहले से ज़्यादा खूबसूरत हूं।” उनकी ये “Positive Power” सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए एक संदेश है जो सोचता है कि उसका वक्त बुरा चल रहा है।
Nafisa की कहानी हमें सिखाती है कि हर तूफान के बाद सूरज ज़रूर निकलता है — बस विश्वास रखना ज़रूरी है।
Nafisa Ali की सोच – ज़िंदगी को देखने का नया नजरिया
Nafisa ने एक इंटरव्यू में कहा था –
“मैंने अब ज़िंदगी से डरना छोड़ दिया है। अब मैं हर दिन को सेलिब्रेट करती हूं, क्योंकि हर दिन मेरे लिए एक बोनस है।”
यह बात उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो बीमारी, स्ट्रेस या लाइफ की किसी मुश्किल में फंसे हैं।
वो यह सिखा रही हैं कि ज़िंदगी का मतलब सिर्फ सांस लेना नहीं है, बल्कि हर सांस को महसूस करना है।
अगर हम Nafisa से कुछ सीख सकते हैं, तो वो यह है कि खुश रहना एक चुनाव है, और उन्होंने इसे पूरी शिद्दत से चुना है।
Readers के लिए एक संदेश
अगर आप यह आर्टिकल पढ़ रहे हैं, तो एक पल रुकिए और सोचिए —कब आपने आखिरी बार खुद को शुक्रिया कहा था?
ज़िंदगी कभी आसान नहीं होती, लेकिन जब हम खुद से कहते हैं कि “मैं कर सकता हूं”, तो ब्रह्मांड भी हमारे साथ आ जाता है।
Nafisa Ali की कहानी हमें यही सिखाती है कि मुश्किल वक्त में भी मुस्कान बनाए रखो, क्योंकि वही मुस्कान तुम्हारी सबसे बड़ी ताकत बन जाती है।
तो अगली बार जब आप किसी परेशानी में हों, तो Nafisa को याद कीजिए —
वो जो बालों के बिना भी सबसे खूबसूरत दिख रही हैं, क्योंकि उन्होंने पॉजिटिविटी पहन रखी है।












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