Site icon

‘जूनियर’ अनुराग कश्यप का कहना है कि पूरे हंसराज कॉलेज पागल था ,1992 में ‘इकोनॉमिक टॉपर सीनियर’ शाहरुख खान की दीवाना फिल्म देखने के लिए?

(Photo: YouTube Screengrab/@Shemaroo Filmi Gaane Official,"‘जूनियर’ अनुराग कश्यप | शाहरुख खान | हंसराज कॉलेज पागल था दीवाना के लिए")

(Photo: YouTube Screengrab/@Shemaroo Filmi Gaane Official,"‘जूनियर’ अनुराग कश्यप | शाहरुख खान | हंसराज कॉलेज पागल था दीवाना के लिए")

1992 का साल हिंदी सिनेमा के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। इसी साल एक ऐसा सितारा बॉलीवुड में एंट्री करता है, जिसने आने वाले दशकों तक इंडस्ट्री पर राज किया – शाहरुख खान। उनकी डेब्यू फिल्म दीवाना बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट साबित हुई और ‘किंग खान’ का सफर शुरू हो गया।

हाल ही में मशहूर फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने शाहरुख खान के शुरुआती दिनों से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। अनुराग कश्यप, जो खुद भी हंसराज कॉलेज से पढ़ाई कर चुके हैं, ने बताया कि कैसे दीवाना रिलीज़ होते ही पूरे कॉलेज में एक अलग ही जुनून था। छात्र-छात्राएं थिएटर में उमड़ पड़े थे और शाहरुख का आकर्षण देखते ही बनता था।

अनुराग ने कहा कि शाहरुख खान न सिर्फ एक करिश्माई शख्सियत थे, बल्कि आर्थिक रूप से भी उस समय “अव्वल” माने जाते थे। उनकी मेहनत, जुनून और एटिट्यूड ने ही उन्हें स्टारडम तक पहुंचाया। यह कहानी सिर्फ एक फिल्म की सफलता नहीं, बल्कि एक ऐसे कलाकार की शुरुआत है जिसने करोड़ों दिलों पर राज किया।

“एक थिएटर में लगी फिल्म और पूरा कॉलेज हुआ दीवाना – यही थी शाहरुख खान की शुरुआत की ताकत!”

शाहरुख खान दीवाना 1992 – जब एक नई पहचान बनी

शाहरुख खान की पहली फिल्म दीवाना जून 1992 में रिलीज़ हुई। फिल्म में उनके साथ ऋषि कपूर और दिव्या भारती भी थे। भले ही फिल्म का हीरो ऋषि कपूर थे, लेकिन दर्शकों का ध्यान शाहरुख की एंट्री ने खींच लिया। उनका जोश, एक्टिंग का अंदाज़ और स्क्रीन प्रेज़ेंस ने सबको चौंका दिया।

युवा दर्शकों के लिए शाहरुख खान एक नया हीरो बनकर सामने आए। उस दौर में जब रोमांटिक हीरोज़ की भरमार थी, शाहरुख अपनी एनर्जी और इंटेंस परफॉर्मेंस से अलग दिखे। दीवाना ने न सिर्फ उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट डेब्यू अवॉर्ड दिलाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि इंडस्ट्री में एक नया किंग आ चुका है।

अनुराग कश्यप हंसराज कॉलेज – कॉलेज कैंपस में ‘दीवाना’ का क्रेज़

अनुराग कश्यप ने अपने हंसराज कॉलेज के दिनों को याद करते हुए बताया कि दीवाना रिलीज़ होते ही पूरा कॉलेज फिल्म देखने गया था। हर किसी की जुबान पर सिर्फ एक ही नाम था – शाहरुख खान।

कक्षा से लेकर कैंटीन तक, हर जगह शाहरुख की चर्चा होती थी। स्टूडेंट्स कहते थे कि यह लड़का कुछ बड़ा करेगा। अनुराग कश्यप ने माना कि शाहरुख की लोकप्रियता उस समय “आर्थिक और सामाजिक दोनों रूप से अव्वल” थी।

हंसराज कॉलेज का यह अनुभव सिर्फ एक अभिनेता के उदय की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस दौर की युवा ऊर्जा और सिनेमा से जुड़ी दीवानगी का प्रतीक भी है।

शाहरुख खान डेब्यू मूवी और आज की किंग खान की पहचान

दीवाना शाहरुख खान के लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि उनके स्टारडम का पहला कदम थी। इसके बाद उन्होंने डर, बाज़ीगर और दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे जैसी फिल्मों से बॉलीवुड में अपना साम्राज्य खड़ा कर लिया।

आज शाहरुख सिर्फ एक सुपरस्टार नहीं, बल्कि एक ग्लोबल आइकन हैं। उनका सफर यह साबित करता है कि मेहनत, जुनून और जोखिम उठाने की हिम्मत किसी को भी ‘किंग’ बना सकती है।

उनकी डेब्यू फिल्म दीवाना भले ही 30 साल पुरानी हो, लेकिन आज भी जब कोई शाहरुख का फैन उनकी शुरुआत को याद करता है तो यही कहता है – “किंग खान का जादू कभी फीका नहीं पड़ता।”

क्या आपको याद है जब आपने पहली बार शाहरुख खान की फिल्म देखी थी?
क्या आपके लिए भी दीवाना उनकी सबसे खास फिल्मों में से एक है?
अपने विचार कमेंट में ज़रूर शेयर करें और इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें।

अगर आप शाहरुख खान से जुड़ी और रोचक कहानियाँ पढ़ना चाहते हैं, तो हमारे ब्लॉग को सब्सक्राइब करें और नोटिफिकेशन ऑन रखें।
“क्योंकि बॉलीवुड की असली कहानियाँ, यहीं मिलेंगी सबसे पहले!”

Exit mobile version