साउथ सिनेमा के सुपरस्टार विजय देवरकोंडा सिर्फ अपनी फिल्मों और स्टाइलिश लुक्स के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी बेबाक राय और सोशल मीडिया एक्टिविटी के लिए भी सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में उनका नाम एक ऐसे विवाद से जुड़ गया जिसने फैंस और डिजिटल ऑडियंस दोनों को चौंका दिया।
दरअसल, मशहूर कंटेंट क्रिएटर फरहान बालापोरिया ने दावा किया है कि उनका एक वीडियो, जिसमें विजय देवरकोंडा की आलोचना की गई थी, अचानक इंस्टाग्राम से हटा दिया गया। फरहान का कहना है कि ऐसा केवल इसलिए हुआ क्योंकि यह वीडियो सीधे तौर पर विजय देवरकोंडा से जुड़ा था। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा—“सोचिए, किसी सुपरस्टार को एक सामान्य कंटेंट क्रिएटर से इतना डर और असुरक्षा क्यों महसूस होती है?”
इस पूरे विवाद ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। एक तरफ फैंस का मानना है कि विजय देवरकोंडा को आलोचना को स्वीकार करना चाहिए, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग मानते हैं कि नकारात्मक कंटेंट कभी-कभी जरूरत से ज्यादा पब्लिसिटी ले जाता है। सवाल यही है—क्या विजय देवरकोंडा सच में इस वीडियो के हटाए जाने के पीछे थे या यह सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की पॉलिसी का हिस्सा था?
आइए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से—
फरहान बालापोरिया का कहना है कि उनका विजय देवरकोंडा वाला वीडियो हटा दिया गया है
फरहान बालापोरिया, जो सोशल मीडिया पर अपने मजाकिया और सटायर से भरे वीडियो के लिए जाने जाते हैं, ने हाल ही में इंस्टाग्राम स्टोरीज़ के जरिए बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उनका एक वीडियो, जिसमें उन्होंने विजय देवरकोंडा की आलोचना की थी, प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया।
फरहान ने कहा—“मैंने बस उनकी फिल्मों और एटिट्यूड पर अपनी राय रखी थी, लेकिन अचानक वीडियो गायब हो गया। सोचिए, किसी क्रिएटर की आवाज दबाना कितना आसान है जब सामने सेलिब्रिटी पावर हो।”
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई यूजर्स ने फरहान को सपोर्ट करते हुए कहा कि आलोचना किसी भी पब्लिक फिगर के लिए सामान्य बात है। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि फरहान ने मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है।
सोशल मीडिया पर यह बहस अब “फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन” बनाम “सेलिब्रिटी पावर” के मुद्दे में बदल गई है।
विजय देवरकोंडा के बारे में
विजय देवरकोंडा का नाम साउथ इंडस्ट्री में आज किसी पहचान का मोहताज नहीं है। “अर्जुन रेड्डी” जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म से पैन इंडिया स्टार बनने वाले विजय ने अपनी एक्टिंग और डायलॉग डिलीवरी से करोड़ों दिल जीते। उनका फैन बेस सिर्फ तेलुगु स्टेट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में उनके चाहने वाले हैं।
विजय देवरकोंडा अपनी फिल्मों के अलावा अपनी लाइफस्टाइल और पब्लिक स्टेटमेंट्स के लिए भी चर्चा में रहते हैं। कई बार उनके बयानों ने विवाद भी खड़े किए हैं। यही वजह है कि जब किसी कंटेंट क्रिएटर ने उन्हें टारगेट किया, तो मामला सुर्खियों में आ गया।
सवाल यह उठता है कि क्या इतना बड़ा स्टार आलोचना से डर सकता है? “या यह घटना केवल सोशल मीडिया एल्गोरिद्म की तकनीकी चूक थी?”
फिलहाल विजय देवरकोंडा ने इस विवाद पर चुप्पी साधी हुई है, लेकिन उनके फैंस लगातार उन्हें सपोर्ट कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर क्यों छिड़ी बहस?
यह मामला सिर्फ एक वीडियो हटने का नहीं, बल्कि डिजिटल लोकतंत्र की असली परीक्षा जैसा बन गया है। सोशल मीडिया वह जगह है जहां हर किसी को अपनी राय “हर किसी को अपनी राय रखने की आज़ादी है, लेकिन जब किसी बड़े स्टार का नाम सामने आता है और किसी कंटेंट क्रिएटर का वीडियो अचानक गायब हो जाता है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर आम लोगों की आवाज़ कितनी सुरक्षित है।
फरहान बालापोरिया ने अपनी पोस्ट में लिखा—“सोचिए, अगर मुझ जैसे क्रिएटर को डराया जा सकता है तो छोटे क्रिएटर्स का क्या होगा?”
इस स्टेटमेंट ने इंटरनेट यूजर्स को सोचने पर मजबूर कर दिया। ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर लोग खुलकर बहस कर रहे हैं कि क्या स्टार्स अपनी इमेज बचाने के लिए इस तरह के कदम उठाते हैं या फिर यह प्लेटफॉर्म्स की कंटेंट मॉडरेशन पॉलिसी का नतीजा है।
क्या यह विजय देवरकोंडा की इमेज को नुकसान पहुंचा सकता है?
“सेलिब्रिटी की जिंदगी में प्रशंसा और आलोचना दोनों ही आम हैं। विजय देवरकोंडा जैसे बड़े सितारों की ब्रांड वैल्यू करोड़ों में आंकी जाती है, और उनके हर कदम पर मीडिया और फैंस की नजर हमेशा बनी रहती है।” ऐसे में यह विवाद उनकी इमेज पर सीधा असर डाल सकता है।
कुछ ब्रांड्स और फिल्ममेकर्स मानते हैं कि निगेटिव खबरें स्टार्स की पब्लिक पर्सनैलिटी को कमजोर कर सकती हैं। वहीं, कई बार आलोचना से स्टार्स और ज्यादा लोकप्रिय हो जाते हैं क्योंकि पब्लिक का ध्यान उन्हीं पर केंद्रित हो जाता है।
विजय देवरकोंडा के लिए यह सही समय है कि वे इस मामले पर अपनी स्पष्ट राय रखें, क्योंकि चुप्पी कई बार और भी बड़े विवाद को जन्म देती है।
यह विवाद सिर्फ विजय देवरकोंडा और फरहान बालापोरिया तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर उस क्रिएटर और ऑडियंस से जुड़ा है जो सोशल मीडिया का हिस्सा है। सवाल यही है—क्या बड़े नाम और सेलिब्रिटी पावर आम लोगों की आवाज़ को दबा सकते हैं?
विजय देवरकोंडा को लेकर यह मामला अभी और तूल पकड़ सकता है। अगर वे इस पर जल्द बयान नहीं देते, तो आलोचना का सिलसिला लंबा खिंच सकता है।
👉 आप क्या सोचते हैं? क्या विजय देवरकोंडा सच में वीडियो हटवाने के पीछे थे या यह सिर्फ सोशल मीडिया का टेक्निकल इश्यू था?
कमेंट सेक्शन में अपनी राय ज़रूर शेयर करें।

